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हां वो है

दिल के हर कोने मे वो है, जज़्बातों के ज़िक्र में वो है
कभी यहां तो कभी वहां हर जगह मुझे दिखता वो है,

गुलाबोंके इन हसीन बागिचोमें भी महकता रोज़ वो है
कभी यहां तो कभी वहां हर जगह मुझे दिखता वो है,

अली की अझान में दिलकश इस जहान में भी वो है
कभी यहां तो कभी वहां हर जगह मुझे दिखता वो है,

शहर के गलियारों में हर किसीके आशियानों में वो है
कभी यहां तो कभी वहां हर जगह मुझे दिखता वो है,

अब्र से गिरी इन बूंदों में भी ज़िक्र आज उसका होता है
हां ये सच्चा इश्क है जो आजकल कही मिल नही पाता है ।

🖊️Piyush Maru अद्वैत✨

ध्यान रहे

(8गा)
खुद से खुद का सन्मान रहे,
खुद की ताकत का ध्यान रहे।

अरमानों की चद्दर मोटी,
लगती अपनी हस्ती छोटी,
मनमें धीरज का ज्ञान रहे,
खुद की ताकत का ध्यान रहे।

हाथ रहेगी डोर समय की,
होती है सब भोर अजय की,
जीवन में सच्ची शान रहे ,
खुद की ताकत का ध्यान रहे।

भीतर की मस्ती मस्त रखो,
दुनियादारी को हस्त रखो,
कर्मों में अपनी जान रहे,
खुद की ताकत का ध्यान रहे।

जिह्वा रखते जो म्यान नहीं,
रखते शब्दों को बान नहीं,
कुदरत इससे हेरान रहे,
खुद की ताकत का ध्यान रहे।

🖊️Leelaben Patel

गलियारा इश्क का

एक तुझें देखने खातिर  तो तेरी गलियों से गुज़रा करते थे
वरना हमारी  आवारगी के  पूरे शहर में चर्चे हुआ करतें थे,

मस्जिदों के मीनारों से अक्सर लोग खुदा का घर देखते थे
खिड़की से आपको देख हम खुदा से भी फरेब कर बैठे थे,

मांगने तुझको हम धागा खुदा की खिड़की पे बांध आए थे
नासमझ ठहरे हम धागा  मन्नत का कच्चा बांध के आए थे,

बैठ छत पर टूटते सितारों से अक्सर तुमको मांगा करते थे
ना जाने कब ये इश्क़ हमे हो गया सोच कर  हसा करते थे,

तेरे इश्क के पैगाम कभी तारे तो कभी जुगनू लाया करते थे,
नासमझ थे हम जो तारो के शहर में चांदनी  ढूंढते रहते थे।

🖊️Piyush Maru